Karnataka Solutions for Class 9 Hindi वल्लरी Chapter 9 नफे के चक्कर में

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नफे के चक्कर में Questions and Answers, Notes, Summary

अभ्यास

I. एक वाक्य में उत्तर लिखिए

प्रश्न 1.
किसको नारियल खाने का मन हुआ ?
उत्तर :
बाबूभाई को नारियले खाने का मन हुआ।

प्रश्न 2.
बाजार में लोग क्या कर रहे थे ?
उत्तर :
बाजार में लोग अपने-अपने कामों में लगे थे।

प्रश्न 3.
बाजार में नारियलवाले ने बाबू भाई को कहाँ जाने को कहा ?
उत्तर :
बाजार में नारियलवाले ने बाबूभाई को मंडी जाने को कहा।

प्रश्न 4.
पचास पैसे में नारियल कहाँ मिलनेवाले थे ?
उत्तर :
पचास पैसे में नारियल बंदरगाह पर मिलनेवाले थे।

प्रश्न 5.
कितने पैसे बचाने की सोच में बाबू भाई में फुर्ती आ गयी ?
उत्तर :
पच्चीस पैसे बचाने के ख्याल से ही उनमें कुर्ती आ गई।

प्रश्न 6.
बाबू भाई ने मुफ्त में नारियल किससे माँगा ?
उत्तर :
बाबूभाई ने मुफ्त में नारियल माली से माँगा।

प्रश्न 7.
घुडसवार ने कितने रुपए देने की बात कही ?
उत्तर :
घुडसवार ने सौ रुपए देने की बात कही।

प्रश्न 8.
ऊँट सवार ने कितने रुपए देने की बात कही ?
उत्तर :
ऊँट सवार ने दो सौ रुपए देने की बात कही।

II. दो-तीन वाक्यों में उत्तर लिखिए :

प्रश्न 1.
नारियल को झट से छीनकर बाबू भाई से नारियलवाले ने क्या कहा ?
उत्तर :
नारियलवाले ने कहा, “माफ करो, काका। एक रुपया या फिर कुछ नहीं।” “बंदरगाह पर चले जाओ, हो सकता है वहाँ तुम्हें पचास पैसे में मिल जाए।”

प्रश्न 2.
बाबू भाई मन-ही-मन क्या सोचने लगे ?
उत्तर :
बाबू भाई मन ही मन सोचने लगे कि आखिर पचास पैसे तो पूरे पचास पैसे है। वैसे भी मेरी टाँगों में अभी भी दम है।

प्रश्न 3.
नाववाले से बाबू भाई ने नारियल को पच्चीस पैसे में देने के लिए किस तरह आग्रह किया ?
उत्तर :
नाववाले से बाबूभाई ने नारियल को पच्चीस पैसे में देने के लिए हुसतरह आग्रह किया। कि पचास पैसे ज्यादा है, मैं सिर्फ पच्चीस पैसे दूंगा। इतनी दूर से पैदल आया हूँ, थक भी गया हूँ। मेरी मेहनत बेकार हो गई।

प्रश्न 4.
बाबू भाई ने किन-किन-से मदद माँगी ?
उत्तर :
बाबू भाई ने माली से विनती की। उसने मना कर दिया। फिर एक ऊँटवाले को मदद करने के लिए कहा। और अंत में एक घुड़सवार से मदद करने की याचना की।

III. जोडकर लिखिए ।

1. बाबू भाई दो सौ रुपये
2. माली सौ रुपये
3. हे भगवान! बगीचा
4. ऊँटवाला नारियल
5. घुडसवार पच्चीस पैसे पसीना

उत्तरः

1. बाबू भाई नारियल
2. माली बगीचा
3. हे भगवान! पच्चीस पैसे पसीना
4. ऊँटवाला दो सौ रुपये
5. घुडसवार सौ रुपये

IV. विलोम शब्द लिखिए :

  1. दिन
  2. मीठा
  3. छोटी
  4. बहुत
  5. सही
  6. अच्छा
  7. दूर
  8. जवाब
  9. सामने
  10. पसंद
  11. खरीदना

उत्तरः

  1. दिन x रात
  2. मीठा x कड़वा
  3. छोटी x बड़ी
  4. बहुत x कम
  5. सही x गलत
  6. अच्छा x बूरा
  7. दूर x पास
  8. जवाब x सवाल
  9. सामने x पीछे
  10. पसंद x नापसंद
  11. खरीदना x बेचना

V. अन्य वचन रूप लिखिए :

  1. घर
  2. जूता
  3. रुपया
  4. पैसा
  5. आवाज
  6. बात
  7. पेड
  8. नजर
  9. घोडा

उत्तरः

  1. घर – घर
  2. जूता – जुते
  3. रुपया – रुपए
  4. पैसा – पैसे
  5. आवाज आवाजें
  6. बात – बातें
  7. पेड – पेड
  8. नजर – नजरे
  9. घोडा – घोडे

VI. अन्य लिंग शब्द लिखिए :

  1. भाई
  2. काका
  3. माली
  4. घोडा
  5. ऊँट
  6. आदमी
  7. बाप

उत्तरः

  1. भाई – बहन
  2. काका – काकी
  3. माली – मालिन
  4. घोडा – घोड़ी
  5. ऊँट – ऊँटनी
  6. आदमी – औरत
  7. बाप – माँ

VII. पाठ में वाला परसर्ग का प्रयोग हुआ है। जैसे – नारियलवाला, नाववाला, ऊँटवाला आदि। वाला परसर्ग जोडकर रिक्त स्थान भरिए ।

  1. ________ आज काम पर नही आयी। (काम) (स्त्रीलिंग रूप)
  2. आज गीत ________ बहुत हो गये। (गाने) (बहुवचन रूप)
  3. गहरी नींद ________ जल्दी जागते नहीं। (सोने) (बहुवचन रूप)
  4. अच्छा परिणाम ________ परिश्रम करता है। (चाहने) (एकवचन रूप)
  5. संतुलित आहार ________ स्वस्थ रहता है। (खाने) (एकवचन रूप)

उत्तरः

  1. कामवाली आज काम पर नही आयी। (काम) (स्त्रीलिंग रूप)
  2. आज गीत गानेवाले बहुत हो गये। (गाने) (बहुवचन रूप)
  3. गहरी नींद सोनेवाले जल्दी जागते नहीं। (सोने) (बहुवचन रूप)
  4. अच्छा परिणाम चाहनेवाले परिश्रम करता है। (चाहने) (एकवचन रूप)
  5. संतुलित आहार खानेवाला स्वस्थ रहता है। (खाने) (एकवचन रूप)

VIII. बाबू भाई के नारियल खरीदने का सौदा कितने रुपए से लेकर कहाँ तक आ पहुँचा?

निम्नलिखित उदाहरण के अनुसार तालिका में लिखिएः

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IX. कन्नड में अनुवाद कीजिए :

प्रश्न 1.
घर में तो एक भी नारियल नहीं था।
उत्तर :
ಮನೆಯಲ್ಲಿ ಒಂದೂ ತೆಂಗಿನಕಾಯಿ ಇರಲಿಲ್ಲ.

प्रश्न 2.
यहाँ से थोड़ी दूर जो मंडी है वहाँ शायद मिल जाए।
उत्तर :
ಇಲ್ಲಿಂದ ಸ್ವಲ್ಪ ದೂರದಲ್ಲಿ ಇರುವ ಮಂಡಿಯಲ್ಲಿ ಬಹುಶಃ ಸಿಗಬಹುದು.

प्रश्न 3.
इतनी दूर से पैदल आया हूँ।
उत्तर :
ಇಷ್ಟು ದೂರದಿಂದ ಕಾಲ್ನಡಗೆಯಲ್ಲಿ ಬಂದಿದ್ದೇನೆ.

प्रश्न 4.
बाबू भाई ने जल्दी-जल्दी पेड पर चढना शुरु किया।
उत्तर :
ಬಾಬುಭಾಯಿ ಸರಸರನೆ ಮರ ಹತ್ತಲು ಶುರು ಮಾಡಿದರು.

प्रश्न 5.
बाबू भाई ने नारियल को पकड़ लिया।
उत्तर :
ಬಾಬುಭಾಯಿ ತೆಂಗಿನ ಕಾಯನ್ನು ಹಿಡಿದುಕೊಂಡರು.

X. पाठ में ना जी ना शब्द का प्रयोग हुआ है। यह नकारात्मक भाव को सूचित करता है। वैसे ही हाँ जी हाँ शब्द सकारात्मक भाव को सूचित करता है। निम्नलिखित तालिका में कुछ वाक्य दिये गये हैं, उनके सामने सोचकर इन शब्दों को लिखिए :

क्र.सं. वाक्य आप क्या कहते है
1. मैं पुस्तक पढना चाहता हूँ। हाँ जी हाँ
2. मैं दूसरों की निंदा करता हूँ। ना जी ना
3. पर्यावरण की रक्षा करना चाहिए। हाँ जी हाँ
4. पेड हमारे मित्र है। हाँ जी हाँ हाँ जी हाँ
5. परीक्षा में नकल करना है। ना जी ना
6. माता-पिता की बात माननी है। हाँ जी हाँ
7. गुरुजनों का आदर करना है। हाँ जी हाँ

X. अनुरूपता :

  1. दो-चार : शब्द युग्म :: अपने-अपने : ________
  2. काका : काकी :: चाचा : ________
  3. माफ : नुक्ता शब्द :: मंडी : ________
  4. हे भगवान ! : विस्मयबोधक :: कैन ? : प________

उत्तर :

  1. दो-चार : शब्द युग्म :: अपने-अपने : द्विरुक्ति
  2. काका : काकी :: चाचा : चाची
  3. माफ : नुक्ता शब्द :: मंडी : अनुस्वार
  4. हे भगवान ! : विस्मयबोधक :: कैन ? : प्रश्नवाचक

भाषा ज्ञान

I. पाठ में से द्वित्व शब्दों को ढूंढकर लिखिए :

  1. मीठा
  2. देखने
  3. अपने
  4. ऊँची
  5. हक्के
  6. जल्दी
  7. चढते
  8. जोर
  9. हरे
  10. पसीना

उत्तर :

  1. मीठा – मीठा
  2. देखने – पूछते
  3. अपने – अपने
  4. ऊँची – ऊँची
  5. हक्के – बुक्के
  6. जल्दी – जल्दी
  7. चढते – छडते
  8. जोर – जोर
  9. हरे – हरे
  10. पसीना – पसीना

नफे के चक्कर में Summary in Hindi

नफे के चक्कर में  पाठ का सारांश

लालच बुरी बला है इस उक्ति अनुसार इस पाठ में जिना मेहनत फल पाने की इच्छा लालच करनेवाले व्यक्ति की कहानी का वर्णन किया गया है। बाबू भाई को नारियल खाने की इच्छा होती है। उसका मीठा स्वाद उनसे मुँह में पानी लाता है। लेकिन उन्हें इस बात का दुख है कि नारियल लाने के लिए बाजार जाना पडेगा, पैसे खर्च करने पड़ेंगे। वे बाजार पहुँचते है। नारियल का दाम पूछाने पर पता चलता है कि दो रूपए में मिलेगा। बाबूभाई दो रूपए नहीं देना चाहते उससे कम दाम में नारियल खरीदना चाहते है। बताने पर नारियलवाला एकरूपये में मिलनेवाले नारियल का पता बता देता है। बाबूलाल मंडी में जाते है।

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वहाँ नारियल का भाव पूछने पर एक रूपया दाम में नारियल मिल सकता है। बाबूभाई के हिमाव से नारियल और सस्ते दाम में मिलना चाहिए। उन्हें दो नारियल पचास पैसे में चाहिए था। नारियलवाला देने से इनकार करना है। और पचास पैसेवाला नारियल का पता बताता है। बाबूभाई आधे पैसे में नारियल पाने की चाहत में बंदरगाह चले गए। वहाँ पचास पैसे में नारियल मिल रहे थे। लेकिन कम दाम में नारियल की चाहत में बाबूभाई को लालची बना दिया था। वहाँ भी बात न बनी और उससे भी कम दाम में मिलनेवाले नारियल की खोज में बाबूभाई नारियल के बगीचे में चले जाते हैं। अब की बार बाबू भाई पच्चीस पैसों में नारियल खरीदने के लिए गडा। लेकिन उनको अब नारियल खरीदना ही नही था, मुफ्त में चाहिए था। नारियल बेचने वाले ने कहा कि मुफ्त में नारियल चाहिए तो पेड पर चढकर खुद ही नारियल ले लो।। बाबूभाई खुश हुए उन्होंने पेड पर चढना शुरु किया और फिसलकर हवा में लटकने लगे। उन्होंने मदद के लिए माली को आवाज दी। लेकिन उसने मना कर दिया। पास से ऊँट पर सवार आदमी जा रहा था। उसे मदद के लिए बुलाया वो तैयार तो होगया मगर ठीक उसी वक्त ऊँट को पेड पर हरे पत्ते नजर आते है।

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ऊँट बन पत्तों की खाने की लालच में गर्दन सुकाता है। और वह आदमी उसके पीठ पर से फिसलकर बाबूभाई के पैरो से लिपटता है। दोनों लटकते रहते हैं। फिर एक घुडसवार दिखाई देता है। पर वो भी घास खाने की चाहत में जगह में टट जाता है। और घोडे का मालिक ऊँटवाले के पैरों से लटकता रहता है। अब तीनों लटकते रहे। आखिर में घोडेवाला और ऊँटवाला बाबूभाई को पैसों का लालच देते है ताकि वो हाथ न छोडे और नीचे ना गिरे। लेकिन पैसों की लालच ने बाबूभाई को जैमे लालची बना दिया था। इतने | सारे पैसों के लालच से बाबूभाई अपनी बाहें फैलाते है ।और धडाम में । जमीन पर गिरते हैं।

नफे के चक्कर में Summary in Kannada

नफे के चक्कर में Summary in Kannada 1
नफे के चक्कर में Summary in Kannada 2
नफे के चक्कर में Summary in Kannada 3

नफे के चक्कर में Summary in English

Whatever a man earns by hard work, only that will remain with him. Expecting gain without hard work is called greed. In this story, the condition of a man who ran after the gain is described in an amusing way.

One day Babu Bhai wished to drink tender coconut. Even as he thought about it, his temptation increased. However, there was no coconut in the house. He thought to himself that he will have to go to the market and spend money as well. He put on his dress and set out.

He stood before a coconut vendor and enquired the price. The seller said it is two rupees each. Babu Bhai widened his eyes and said that the price is too high and enquired if he could have it for a rupee. The vendor was not ready to reduce the price. Then the customer enquired where he could get it for a rupee and the seller said that at a little distance there is a market where he might get at that price.

Babu Bhai moved in that direction. The market was quite noisy and one could hear the loud voices of the merchants. He noticed a coconut vendor and enquired the price. The vendor quoted one rupee. Babu Bhai placed fifty paise in the hands of the vendor and took a coconut. The merchant snatched it from his hand and said that perhaps he would get at that price at the port.

Babu Bhai moved in the direction of the port and saw a coconut vendor at the seashore with a few coconuts spread in front of him. He enquired the price and learned that he was selling them at fifty paise each. He offered to pay twenty-five paise and tried to take one. The seller refused to part with it at that rate and advised the customer to go to a coconut garden where he could have it at that price.

He arrived in a coconut garden and enquired the price with the gardener. The latter said he could have any coconut for twenty-five paise each. Babu Bhai said that he had walked all the way and demanded that one coconut be given free. The gardener said that he could have any number of them by climbing the coconut tree.

Babu began to climb the tree hurriedly. As he ascended · he thought that it is his good fortune to have as many coconuts as he wished to. He reached the top and stretched both his hands to pluck the largest one. His legs slipped and to avoid falling down he held on to a coconut. His legs dangled in the air. He cried for help. Just then he saw a man with a camel passing by. He requested the man to help him.

The man stood on the back of the camel and held the legs of the helpless man and tried to bring him down. But, in the meanwhile, the camel saw green leaves in front and moved a few steps to eat them. The man slipped from the back of the animal. But he managed to hold on to the legs of Babu Bhai. At this moment there arrived a horse rider. Babu requested the rider to help him get down. The rider immediately stood on the back of the horse.

But, the horse moved a few steps after it saw green grass in front. Now the horse rider held on to the legs of the camel driver. All three were now dangling in the air. The horse rider asked Babu Bhai to hold on to the coconut tightly and promised to pay him one hundred rupees. The camel driver promised two hundred rupees to Babu for the same act.

Babu Bhai was so happy with the figure of three hundred that he stretched both his hands in excitement and the coconut slipped from his hand. All three fell to the ground. As Babu Bhai was composing himself, a large coconut fell on his head and cracked.

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