Karnataka SSLC Hindi Model Question Paper 2 with Answers

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Karnataka State Syllabus SSLC Hindi Model Question Paper 2 with Answers

Time: 2.30 Hours
Max Marks: 80

I. निम्नलिखित प्रश्नों के लिए चार-चार विकल्प सुझाए गए है, उनमें से सर्वाधिक उचित विकल्प चुनकर लिखिए (8 × 1 = 8)

प्रश्नः 1.
एकैक – संधि होता है।
A. यण संधि
B. गुण संधि
C. वृद्धि संधि
D. अयादि संधि
उत्तरः
C. वृद्धि संधि

प्रश्नः 2.
नौका’ शब्द का अन्यवचन है।
A. नौकाएं
B. नौकाओं
C. नाव
D. नाविक
उत्तरः
A. नौकाएं

प्रश्नः 3.
डल – रोटी का समास कौन्सा होता है।
A. कर्मधारय समास
B. तत्पुरुष समास
C. द्वंद्व समास
D. विग् समास
उत्तरः
C. द्वंद्व समास

Karnataka SSLC Hindi Model Question Paper 2 with Answers

प्रश्नः 4.
हसन’ शब्द का प्रथम प्रेरणर्थक रूप है।
A. हंसवान
B. हाँसाना
C. हसिना
D. हसुना
उत्तरः
B. हाँसाना

प्रश्नः 5.
बलवान’ शब्द का विलोम शब्द क्य है।
A. बलहानी
B. बलहीन्
C. बलादार
D. बलवाना
उत्तरः
B. बलहीन्

प्रश्नः 6.
‘युवक’ शब्द अन्य लिंग रूप है
A. युवती
B. युवतीयाँ
C. युवन
D. मुवातियों
उत्तरः
A. युवती

प्रश्नः 7.
गीत गानेवालो को – कहते है।
A, तीनकार
B. गीतोकाला
C. कवि
D. गायक
उत्तरः
D. गायक

प्रश्नः 8.
क्या तुम.भक गई हो
A. प्रश्नवाचक
B. अल्प विराम
C. विस्मयादि बोधक
D. पूर्ण विराम
उत्तरः
A. प्रश्नवाचक

II. निम्नलिखित प्रथम दो शब्दों के सूचित संबंधों के अनुरूप तीसरे शब्द का संबंधित शब्द लिखिए। (4 × 1 = 4)

प्रश्नः 9.
पाप का मूल : अभिमान – धर्म का मूल:: ___________
उत्तरः
दया

प्रश्नः 10.
बलवीर : बलराम :: जयोद : _____________
उत्तरः
यशोदा

प्रश्नः 11.
बैलूर : शिल्पकल्ला :: गोलगुंबज: _______________
उत्तरः
वास्तुकला

प्रश्नः 12.
चाय : गरम :: बर्फ : ___________
उत्तरः
ठंडा

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III. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक – एक वाक्यों में लिखिए। (4 × 1 = 4)

प्रश्नः 13.
पं राजकिशोर कहाँ रहते थे?
उत्तरः
पं राजकिशोर किशनगज में रहते थे। |

प्रश्नः 14.
तुलसीदास किस शाखा के कवि है?
उत्तरः
तुलसीदास राम भाक्त शाखा के कवि थे। |

प्रश्नः 15.
मोती कहाँ मिलता है?
उत्तरः
मोती गहरे पानी में लिमता है।

प्रश्नः 16.
सिंगफो आदिवासी कहाँ रहते थे?
उत्तरः
सिंगफो आदिवासी पर्वोतर रहते थे।

IV. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दो या तीन वाक्यों 12 में लिखिए। (8 × 2 = 16)

प्रश्नः 17.
आजकल शिक्षित समाज में किसके बारे में विचार किया जाता है?
उत्तरः
आजकल शिक्षित समाज में विटामिन और प्रोटीन के शब्दों में विचार करने के प्रकृति हो गई

प्रश्नः 18.
आशियम्म जी अब्दुल कलाम को खाने में . क्या – क्या देती थी?
उत्तरः
आशियम्म जी अब्दुल कलाम जी के सामने केले का पत्ता बिछाकर और फिर उस पर चावल एंव सुगंधित स्वादिष्ट सांबार डालती, साथ में घर क बन अचार और नारियन की ताजी चटनी देती थी।

प्रश्नः 19.
यशोदा ऋण के क्रोध को कैसे शांत करती है?
उत्तरः
यशोदा ऋण के समझाती है कि बलराम तो जन्म से ही चुगलकोर है। तुम चिंत मत करो। और गोधन पर कसम खाकर कहती है कि वही अपना पुत्र है। यह सुनाते हुए यशोदा ने कृष्ण के क्रोध को शांत करती है।

प्रश्नः 20.
कर्नाटक के कुछ प्रमुख राजवंशों के नाम लिखिए?
उत्तरः
कर्नाटक के कुछ प्रमुख राजवंश है गंग, कदम्ब राष्ट्रकूट, चालुक्य, होयसल, वडेयर आदि।

प्रश्नः 21.
बिछेदी का बचपन कैसे बीता?
उत्तरः
बिछेद्री का बचपन में रोज पांच किलोमिटर पैदल चल कर स्कूल जाना पड़ता था बाद में पर्वतारोहण प्रश्रिक्षण के दौरान उनका कठोर परिश्रम बहुत काम आया।

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प्रश्नः 22.
चींटी के बारे में कवि क्या कहते है?
उत्तरः
चींटी के बारे में कवि यह कहते है कि छोटी सी चींटी दान लेकर चलती है चढती दिवारों पर | सौ बार फिसलती है। पर मन का विश्वास, उस के | रंगों में साहस भरता है। चडकर गिरना, गिर कर चढना न आखरता है आखिर उस्की मेहनत बेकार – नहीं होती इसलिए कोशिस करनेवालों की कभी हार नहीं होती।

प्रश्नः 23.
शनि किसका पुत्र है? शनैश्चर का अर्थ क्या है ?
उत्तरः
शनि महाराज सूर्य के पुत्र है। शनैःचर का अर्थ होता है – धीमी गाति से चलनेवाला।

अथवा

शनि का निर्माण किस प्रकार हुआ है ?
उत्तरः
वृहस्पति की तरह शनि का वायुमंडल भी – हाईड्रोजन, हीलियम, मीयोन तठा एमोनिया गैसों से बना है। शनि की सतह के बारे में हमें कोई जानकारी नहीं है। हम केवल इसके चमकीले बाहरी वायुमंडल को ही देख सकते हैं।

प्रश्नः 24.
हर स्थिति में सत्य बोलने का अभ्यास क्यों करना चाहिए
उत्तरः
सत्य वह चिनगारी है जिससे अभ्यास फल भर में भस्म हो जाता है। अत: हमे हर स्थिति में सत्य बोलने और पालन करने का अभ्यास करना चाहिए।

अथवा

अकुल ने मीना मेडम से क्या कहा?
उत्तरः
अकल ने मीना मेडम से कहा कि मैदम एक नागरिक की हैसियत से हमें अपने देश के राष्ट्रध्वज राष्ट्रगान, राष्ट्रीय त्योहार आदिका आदर करना चाहिए।

V. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर तीन या चार वाक्यों में लिखिए। (9 × 3 = 27)

प्रश्नः 25.
विडियों कान्फरेन्स के बारे में लिखिए?
उत्तरः
विडियों कान्फरेन्स में एक जगह बैठकर दुनिया के कई देशों के प्रतिनिदियो के साथ 8-10 दूरदर्शन के परदे पर चर्चा कर सकते है। एक ही कमारे में बैठकर विभिन्न देशों में रहनेवाले लोगों के साथ विचार विनिमय कर सकते है।

प्रश्नः 26.
बसंत के पैर देखकर डॉक्टर ने क्या कहा?
उत्तरः
बसंत के पैर देखकर डॉक्टर ने कहा कि – ऐसा लगाता है कि फैर की हड्डी टूट गई है। स्क्रीन करके देखना होगा, दूसरे पैर ठीक हो पर इसे अभी आसपताल ले जाना चाहिए।

प्रश्नः 27.
दिनकर जी के अनुसार मानब का सही परिचय क्या है?
उत्तरः
दिनकर जी इस कविता के द्वारा यह संदेश देना चाहते है कि आज के मानव ने प्रकृति के हर तत्व पर विजय प्राप्त कर ली है। किन्तु मानव – मानव के बीच स्नेह का बाँध – बांधना मानव मानव की सिद्धि है। जो मानव दूसरे मानव से प्रेम का रिश्ता जोडकर आपस की दूरी को मिटाए, नही मानव कहलाने का अधिकारी होगा।

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प्रश्नः 28.
समय का सदुपयोग कैसे करना चाहिए?
उत्तरः
आलस को छोडकर बिना किसी की जो काम करना उसी समय में ही मन लगाकर करनी चाहिए तभी तो समय का सदुपयोग होगां।

प्रश्नः 29.
साधोराम को क्या हुआ?
उत्तरः
साधोराम को अचानक एक दिन चलती बस से गिरकर उसे खतरनाक चोट आ गई भी और उसे अस्पताल में भर्ती करन पड़ा था।

प्रश्नः 30.
कन्नड भाषा तथा संस्कृति को कर्नाटक के साहित्यकारो की क्या देना?
उत्तरः
कर्नाटक के अनेक साहित्यकारों ने सारे संसार में कर्नाटक की किर्ति फैलठी है। कर्नाटक के बसवण्णा जी क्रान्तिकारी समाज सुधारक थे। अक्क महादेवी, अल्लमप्रभु सर्वज्ञ जैसे अनेक संतो ने अपने अनमोल । वचनो द्वारा प्रेम, दया और धर्म की शीख दी है। पुरंदरदास – कनकदास आदि भक्त कवियों ने भक्त नीति सदाचार के गीत गाये है। पंपा, रन्ना – पोन्ना कुमारव्यास, हरिहार, राघवंक आदि ने महन् कयों की रचना कर कन्नड साहित्य को समद बनाये है।

प्रश्नः 31.
दक्षिण शिखार पर चढते समय बिछंद्री के अनुभव के बारे में लिखिए?
उत्तरः
दक्षिण शिखर के ऊपर हवा की गति बड़ गई थी। उस ऊचाई पर तेज हवा के झोके भुरभुरे बर्फ के कणों को चारों तरफ उड़ा रहे थे। जिससे कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। उन्होंने देखा कि भोडी दूर तक कोई ऊँची चढाई नही है। ढलान एकदम साधी नीची चली गई है। उन्हे लगा था कि सफलता बहुत नजदीक है। 23 मई 1984 के दिन दोपहर के। बजकर 7 मिनट पर वे एवरेस्ट की चोटी पर खड़ी थी।

प्रश्नः 32.
दोहे का भावार्थ आपने श्ब्दों में लिखिए तुलसी साथी विपत्ति के विद्या, विनय विवेका साहस सुकृति सुसत्यव्रत, राम भरोसो एक॥ भावार्थ :
उत्तरः
प्रस्तुत दोहे के द्वारा तुलसीदास ने स्पष्टथा ; बताया है कि दया धर्म का मूल है और अभिमान पाप का। इसलिए कवि कहते है कि जब तक शरीर में प्राण है, तब तक मानव को अपना अभिमान छोडकर दयालू बने रहन चाहिए।

प्रश्नः 33.
गध्यांश का आनुवाद कन्नड या अंग्रेजी में कीजिए :
उत्तरः
कर्नाटक में कावेरी, कृष्ण, तुंगभद्रा आदि अनेक नदियाँ बहती है। इन नदियों पर बाँध बनाये गये है। इनसे हजारों एकड़ जमीन सींची जाती है। ಕರ್ನಾಟಕದಲ್ಲಿ ಕಾವೇರಿ, ಕೃಷ್ಣ, ತುಂಗಾಭದ್ರ ಇನ್ನೂ (ಆನೇಶ ನದಿಗಳು ಹುಟ್ಟುತ್ತವೆ, ಈ ನದಿಗಳಿಗೆ ಅಣೆಕಟ್ಟುಗಳನ್ನು ಕಟ್ಟಿ ಸಾವಿರಾರು ಎಕರೆ ಜಮೀನುಗಳಿಗೆ ನೀರನ್ನು ಒದಗಿಸಲಾಗುತ್ತದೆ.
Rivers such as Krishna, Tungabhadra and many others take birth in Kamataka. Many dams have been built across these rivers to provide water for irrigation to thousands of acres of land.

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VI. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर पाँच-छः वाक्यों में लिखिए (2 × 4 = 8)

प्रश्नः 34.
गिल्लू ने लेखिका की गैरहाजरी में दिन कैसे बिताये?
उत्तरः
गिल्लू को लेखिका की गैरहाजरी में ना ठीक से खाता था न चैन से रहता । उन दिनों वज उसका कमरे का दरवाजा खोल जाता – गिल्लू लेखिका समझकर झूले से उतरकर दौडता और फिर किसी दूसरे को देखकर तेजी से अपने घोसले में जा बैठता सब उसे काजू दे जाते । किन्तु वह कुछ, खता नही था। वह हर पल लेखिका की इंतजार कर रहा था।

अथवा

गिल्लू के अंतिम दिनों का वर्णन किजिए?
उत्तरः
जब गिल्लू की जीवन यात्रा का अंत आही गया तब दिन भार उसने कुच खाया और ना बाहर गया। पंजे ठंडे रहे थे। लेखिका ने रात भर जगाकर हीटर जालाय और उष्णता देने का प्रयत्न किया किन्तु प्राभात की प्रथम किरण के साथ ही उसका अंत हो गया।

प्रश्नः 35.
निम्नलिखित कवितांश पूर्ण कीजिए: असफता एक चुनौती है, इसे स्वीकार करो क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो। जब तक न सफल हो, नींद चैन को त्यागो तुम,

संघर्ष का मैदान छोड़कर मत भागो तुम।

VII. निम्नलिखित गध्यांश ध्यानपूर्वक पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : (1 × 4 = 4)

एक समय काशी राज्य की राजधानी रही वाराणासी। भारत की एक बहुत प्रचीन नगरी है। इस नगरी में गंगा के तट से थोड़ी दूर तक एक पाठशाला थी। इस पाठशला के आचार्य थे। महर्षि सुश्रुत दूर – दूर से विद्यार्थी यहाँ शिल्म – | चिकित्स का ज्ञान प्राप्त करने आते थे। आचार्य | जी कभी के राजा दिवोदास के शिष्य थे। दिवोदास को भागवान धन्वंतरी का अवतार कटा गय है। महर्षि सुश्रुत द्वारा लेखित सुश्रुत – संहिता आयुनेद का महान ग्रंथ स्थान, निदान स्थान, शरीर स्थान, चिकित्सा स्थान, कल्प स्थान, और उतर स्थान, में बाँटा गया है।

प्रश्नः
क) काशि राज्य की राजधानी का नाम क्या है?
उत्तरः
काशि राज्य की राजधानी वारणासी है।

ख) पाठशाला के आचार्य का नाम क्या है?
उत्तरः
पाठशाला के आचार्य थे – महर्षि सुश्रुता

ग) महर्षि लिखित ग्रंथ का नाम क्या था?
उत्तरः
महर्षि सुश्रुत द्वारा लिखित ग्रंथ क नाम सुश्रुत संहिता आयुर्वेद का महा ग्रंथ है।

घ) आयुवेद महा ग्रंथ कितने अध्याय है?
उत्तरः
आयुवेद महा ग्रंथ 120 अध्याय है।

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VIII. 37. दिया गया संकेत बिंदुओ के आधार पर 12-15 वाक्यों में किसी एक विषय के बारे में निबंध लिखिए। (1 × 4 = 4)

क) इंटरनेट का महत्व
उत्तरः
इंटरनेट अनगिनत कंप्यूटरों के कई अंतर्जालों का एक दूसरे से संबंध स्थापित करने का जाल है। आज इनमान के लिए खान-पान जितना ज़रूरी है, इंटरनेट भी इतना ही आवश्यक हो गया है। इंटरनेट द्वारा घर बैठे-बैठे खरीदारी कर सकते हैं। कोई भी बिल भर सकते हैं । इससे दुकान जाने और लाइन में घंटों तक खड़े रहने का समय बच सकता है।
इंटरनेट बैंकिंग द्वारा दुनिया की किसी भी जगह पर जितनी भी रकन भेजी जा सकती है।

इंटरनेट की वजह से पैरसी, बैंकिंग फ्रारें, हैकिंग (सूचना/खबरों की चोरी) आदि बढ़ रही हैं । मुक्त वेब साइट, चैटिंग आदि से युवा पीढ़ी ही नहीं बच्चे भी इंटरनेट की कबंध बाँहों के पाश में फंसे हुए हैं। इससे वक्त का दुरुपयोग होता है और बच्चे अनुपयुक्त और अनावश्यक जानकारी हासिल कर रहे हैं। इसलिए आप लोगों को इंटरनेट से सचेत रहना चाहिए।

वैज्ञानिक आविष्कारों ने मानव जीवन को सुविधाजनक बनाया है । इंटरनेट ने मानव की जीवनशैली और उसकी सोच से क्रांतिकारी परिवर्तन लाया है। आज इंटरनेट के बिना संचार व सूचना दोनों क्षेत्र कमजोर हो जाते हैं। इंटरनेट ने पूरी दुनिया को एक जगह ला खड़ा कर दिया है । जीवन के हर क्षेत्र में इंटरनेट का बहुत बड़ा योगदान है। इंटरनेट वरदान है तो अभिशाप भी है।

ख) ग्राम सुधार :
भारत का गांवों का देश है। इतना विशाल होते हुए भी नगरों तथा शहरों की सच्चा गाँवों की तुलना में नगण्य है। भारत की तीन – चौथाई से भी अधिक आबादी गांवों में ही रहती है।

यह बड़े खेद का विषय है कि आब तक सरकार तठा सामाजिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं ने गाँवों की तरफ अपेक्षित ध्यान नहीं दिया है। गांधीजी का कहना था कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है, और जब तक गाँवों का सुधार नहीं होगा, तब तक देश उन्नति नहीं कर सकता।

हम सबक पुनीत कर्तव्य है कि गांवों के सुधार की कारगर योजनाएं तैयार करके उनका जल्दी से जल्दी उत्थान किया जाये, ताकि समूचा देश खुशहाल हो सके । शिक्षा का प्रसार भारत के गाँवों के पिछड़ेपन का सबसे बड़ा कारण वही फैली व्यापक निरक्षरता है।

शिक्षा प्रसार के व्यापक कार्यक्रम को चलाने की सबसे बड़ी आवश्यकता है। हर गाँवों में कम – से – कम प्राइमरी स्कूल अवश्य खोलने चाहिए, ताकि लड़कों और लडकीयों को लिखना और पढना आ सके । प्राइमरी शिक्षा को अनिवार्य और निःशुल्क किया जाना चाहिए। इतना ही नहीं, गरीब बालक – बालिकाओं के लिए किताबों की व्यवस्था भी नि:शुल्क की जानी चाहिए।

ईसके अलावा अनपढ़ और वयस्कों तथा महिलाओं की शिक्षा का विशेष प्रबन्ध भी किया जाना चाहिए । महिलाओं को आमतौर से दोपहर में ही कुछ अवकाश मिल स्कता है तथा पुरुषों को रात में सुविधाजनक समय पर प्रौद्ध पाठशालाओं की व्यवस्था भी की जानी चाहिए। यदि ऐसा एक साथ किया जाये, तो दस वर्ष के भीतर ही देश में कोई भी व्याक्ति निरक्षर नहीं रहेगा।

शिक्षा के प्रसार से गाँवों में फैले अंधविश्वासों और रूढियों पर बहुत कुछ अंकुश स्वतः ही लगा जायेगा। इसके अलावा प्रचार – प्रसार से उनमें जागति लानी चाहिए। सामाजिक कुरितियों को ईन्हां दूर करने के लिए व्यापक पैमाने पर कार्यक्रम तैयार करने चाहिए। बाल – विवाह, विधवाअओं का निरादार, जादू-टोने पर विश्वास, भूत – चुडैलों आदि के डर जैसी अनेक बुराइयों को दूर करने के लिए सभी को मिलकर काम करना पड़ेगा।

गाँवों में सफाई की व्यवस्था नहीं होती। घरों के आसपास पानी सडता रहता है जिनसे मच्छर और मक्खियाँ फैलती है। जगह – जगह कूड़े के डेर देखे जा सकते हैं। इसके कारण मलेरिया, हैजा जैसे अनेक रोग फैलकर सैकड़ों की जान ले लेते हैं।

ग) कर्नाटक का वैभव :

कर्नाटक राज्य भारत का एक विकासशील राज्य है। यहाँ की जनसंख्या छः करोड है। कर्नाटक में कन्नड भाषा बोली जाती है। कर्नाटक की राजधानी बेंगलूरू है। यहाँ विभिन्न प्रांत के लोग आकर बस गये हैं। बेंगलूरू शिक्षा और उध्योग धंधों का केंद्र है। यहाँ की अनेक संस्थाएँ भारत में प्रसिद्ध है । बेंगलूरू को सिलिकान सिटी भी कहा जाता है।

कर्नाटक की प्राकृतिक सौंदर्य नयन मनोहर है। ऐसा लगता है कि प्रकृति माता ने कर्नाटक राज्य को अपने हथों से संवारा है। कर्नाटक के पश्चिमी हिस्से में अरब सागर है। पश्चिमी भाग में ही दक्षिण से उत्तर के छोर तक फैली लंबी पर्वतमालाएं है जिन्हें पश्चिमी घाट कहते हैं। सह्यादि और निलगिरि पर्वत राज्य की शोभा को बढाते हैं।

कर्नाटक में सोना, चाँदी, तंबा, लोहा आदि कई प्रकार के धातुएँ मिलती है। कागज, लोहा और इस्पात के बड़े कारखाने हैं। कर्नाटक में नदियाँ बहती है, इनके जलप्रपात मोहक है। कर्नाटक की शिल्पकला आद्भुत है। राजवंशों ने कर्नाटक राज्य की वचन साहित्यकार और आधुनिक कन्नड साहित्यकारों ने साहित्य को समृद्ध बनाया।

कर्नाटक राज्य भारत देश में विकासशील राज्य है । यहाँ बड़े-बड़े कारखाने हैं, उद्योग धंधों का केंद्र है। यहाँ की नदिय और जलप्रापात देखने के लिए आकर्षक हैं। कर्नाटक की शिल्पकला आद्भुत है। कर्नाटक के साहित्यकारों ने सारे संसार में कर्नाटक की कीर्ति फैलायी है।

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IX. 38. निम्नलिखित विषय के बारे में पत्र लिखिए। (1 × 5 = 5)

अपने भाई की शादी का कारण देते हुए प्रधानाध्यापक के नाम छुट्टी पत्र लिखिए
स्थल का नाम : बेंगलूरु
ता : 13-02-2018

प्रेषक,
शंकर
दसवी कक्षा ए विभाग
प्रज्वल प्रौढ़शाला,
बेंगलूरू – ९१

सेवा में,
प्रधान अद्यापकजी,
बेंगलूर प्रौढ़शाला
प्रज्वल प्रौढ़शाला,
बेंगलूरू- ९१

मान्यवर,
विषय : चार दिन की छुट्टी के लिए प्रार्थना पत्र।

सविनय निवेदन है कि, मेरा भाई की शादी का कारण गाँव जाने के लिए चार दिनो तक शाला मे उपस्थित नही रह पहुंगा। इसलिए आज से 13.02.2018से लेकर 16.02.2018 तक कुल मिलाकर चार दिन की छुट्टी देने के लिए कृपा कीजिए।
धन्यवाद सहित,

आपका आज्ञाकारी विधार्थी
शंकर
दसवीं कक्षा ‘ए’ विभाग

अथवा

शक्षक प्रवास के लिए पिता से 2,000 रूपये मांगते हुए एक पत्र लिखिए।.
उत्तरः
स्थल : बेंगलूर – 56
दिनांक : 20.01.2018

सेवा में,
मंजुनाथ एन. आर
सोमवार पेटे
बेलगाँव – 03

पूज्य पिताजी,
सादर प्रणाम।
में वहाँ सकुशल हूँ। आशा है कि आप भी सकुशल होंगे। मेरी पढ़ाई अच्छी तरह चल रही है। इस साल हमारे विद्यालय में शैक्षणिक पर्यटन का आयोजन किया गया है । उसमें मैं भी भाग लेना चाहता हूँ। इसलिए आप मुझे इसकी अनुमति देते हुए रु.2,000 भेजने की कृपा करें।

आपका प्रिय पुत्र
निहार

दसवी कक्षा
सरकारी हाईस्कूल
बेंगलूर – 5

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